खामलियाना व अब्दुल बारी को राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार
नई दिल्ली। जानेमाने समाजसेवियों मिजोरम के खामलियाना और उ़डीसा के मोहम्मद अब्दुल बारी को २०११ के राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भावना पुरस्कारों के लिए चुना गया है। आज यहां जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की अध्यक्षता वाली जूरी ने व्यक्तिगत वर्ग के पुरस्कारों के लिए खामलियाना और बारी का चयन किया है।
जूरी ने किसी भी संगठन को २०११ के सद्भावना पुरस्कारों के योग्य नहीं पाया। छप्पन वर्षीय खामलियाना १९९० में गठित मिजोरम यूथ क्लब के संस्थापक अध्यक्ष हैं। इस क्लब ने मिजोरम में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को ब़ढावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सुपरिचित सामाजिक कार्यकर्ता ७२ साल के बारी कम से कम आठ सामाजिक संगठनों से जुडे हैं। उ़डीसा के भद्रक जिले के बारी ने शांति और सामाजिक सौहार्द को बरकरार रखने में पुलिस और स्थानीय प्रशासन की नि:स्वार्थ भाव से मदद करते रहे हैं। राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भावना पुरस्कार १९९६ से दिये जा रहे हैं।
इसे गृह मंत्रालय के तहत स्वायत्त संगठन नेशनल फाउंडेशन फार कम्युनल हार्मनी प्रदान करता है। सांप्रदयिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को ब़ढावा देने में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिये जाने वाले इन पुरस्कारों में संगठन वर्ग में पांच लाख और व्यक्तिगत वर्ग में दो लाख रुपये दिए जाते हैं।