नाइजीरिया में बम धमाकों में मृतक संख्या १७८ हुई
आबुजा। नाइजीरिया के दूसरे सबसे ब़डे शहर कानो में शुक्रवार को हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों में मरने वालों की संख्या १७८ हो गई है, जिसमें एक भारतीय भी शामिल है। धमाकों में दो बच्चों सहित छह भारतीय घायल भी हुये हैं। कानो के मुर्तला मोहम्मद अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक ने आज यहां बताया कि शहर के दो मुख्य अस्पतालों में अब तक १७८ शव लाये जा चुके हैं। दूसरा अस्पताल नसरावा में है।
उन्होंने बताया कि अब तक कई शव यहां नहीं लाये जा सके हैं और कुछ के बारे में तो पता भी नहीं चल सका है। ऐसे में मृतकों की संख्या और ब़ढने की आशंका है। आबुजा स्थित भारतीय उच्चायोग ने यहां बताया कि कानो में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों में २३ वर्षीय भारतीय केवल कुमार कालीदास राजपूत की मौत हो गई है।
केवल कुमार गुजरात का रहने वाला था और वह मार्च, २०११ से कानो की एक कंपनी में काम कर रहा था। केवल कुमार और उसके दो सहकर्मी हरि प्रसाद भूसल और राज सिंह जब अपनी कार से घटनास्थल के निकट से गुजरे, तब वे भी इस धमाके की चपेट में आ गए। हरि और राज नेपाल के नागरिक थे। इस धमाके में दो भारतीय परिवारों के दो बच्चों सहित छह सदस्य भी घायल हो गए हैं।
घायलों का कानो के एक अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। इससे पहले समाचारपत्र ‘द टेलीग्राफ’ ने कानो के मुख्य मुर्दाघर के अधिकारी के हवाले से बताया कि अब तक १६२ शव मिले हैं और शवों के यहां लाये जाने का सिलसिला जारी है।
ऐसे में मृतकों की संख्या और ब़ढने की आशंका है। राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने कहा कि इस हमले के ष़डयंत्रकारियों के खिलाफ क़डी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते हम हाथ बांधकर लोकतंत्र के दुश्मनों को नहीं देख सकते। ये हमलावर देश के दुश्मन हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जा सकता।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने चार पुलिस स्टेशन, राज्य सुरक्षा सेवा के मुख्यालयों और पासपोर्ट एवं आव्रजन कार्यालय को निशाना बनाया था। इन हमलों की जिम्मेदारी देश के उत्तरी हिस्से में सैक़डों लोगों की हत्या कर चुके आतंकवादी संगठन ‘बोको हरम’ ने ली है। बोको हरम के प्रवक्ता अब्दुल काका ने पत्रकारों को बताया कि यह हमला सरकार के उनके संगठन के कुछ सदस्यों को रिहा करने से मना करने पर किया गया है।