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बंधक संकट खत्म तीनों पुलिसकर्मी रिहा
Released three policemen hostage crisis over
Swatantra Vaartha -   Tue, 7 Sep 2010, IST

बंधक संकट खत्म तीनों पुलिसकर्मी रिहा
पटना। माओवादियों ने आज बिहार पुलिस के अपहृत तीन जवानों को रिहा कर दिया। इसके साथ ही पिछले नौ दिनों से चला आ रहा बंधक संकट समाप्त हो गया। पिछले दिनों इस दौरान चलाये गये खोजबीन अभियान के दौरान एक एरिया कमांडर सहित सात नक्सली गिरफ्तार किये गये।

राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि मानिकपुर के अवर निरीक्षक अभय यादव, कजरा थाना के प्रशिक्षु अवर निरीक्षक रूपेश कुमार सिन्हा और बीएमपी के हवलदार एहसान खान रिहा हो गये हैं और खोजबीन अभियान के दौरान पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के एक स्वयंभू एरिया कमांडर सहित सात नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया।जीप पर सवार होकर आज करीब सुबह आठ बजे लखीसराय नगर थाना पहुंचे इन कर्मियों के साथ थाने में मौजूद बिहार पुलिस मेस एसोसियेशन के प्रवक्ता अभिनंदन यादव ने बताया कि रिहा किये गये सभी पुलिसकर्मी स्वस्थ और सकुशल हैं।

बिहार सरकार द्वारा गत चार सितंबर को पटना में आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने सरकार की बातचीत की पेशकश को ठुकराते हुए एक टीवी चैनल के पत्रकार को फोन पर बंधक तीनों पुलिसकर्मियों को बिना शर्त कल सुबह आठ बजे तक रिहा कर दिए जाने की बात कही थी। नक्सलियों के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने कहा था उनके संगठन की केंद्रीय समिति ने बंधकों को सरकार या पुलिस के हवाले करने के बजाय सीधे उनके परिवार के सदस्यों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह पूछे जाने पर क्या वे मीडियाकर्मियों के समक्ष बंधकों को उनके परिवार को सौंपेंगे, अविनाश ने कहा था कि इस बारे में मीडिया वालों को भी जानकारी नहीं दी जाएगी। नक्सलियों ने उन्हें कल रिहा नहीं किया, बल्कि आज सुबह छ़ोडा। बिहार पुलिस एसोसियशन के प्रवक्ता अभिनंदन यादव ने अपहृत पुलिसकर्मियों को रिहा किए जाने के लिए माओवादियों सहित पुलिस एवं प्रशासन को बधायी दी और प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस संबंध में पहल करने के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस एवं प्रशासन के दबाव तथा मुख्यमंत्री की पहल के कारण ही आज ये रिहा हो पाये हैं। उन्होंने बताया कि अपहृत पुलिसकर्मियों की सकुशल रिहाई के लिए एसोसियेशन के सभी अधिकारी तीन दिनों से यहां डेरा डाले हुए थे। यादव ने बताया कि अपहृत पुलिसकर्मियों की सकुशल रिहाई के लिए पुलिस द्वारा छापामारी अभियान लगातार जारी था और इसी दौरान अपहृत अवर निरीक्षक के परिवार वालों को नक्सलियों ने वाहन के साथ चानन क्षेत्र में बुलाया था। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने इन तीनों पुलिसकर्मियों को आंखों में पट्टी बांधकर प्रात: चार बजे जंगल में छ़ोड दिया और करीब सात बजे ये लोग रोड के समीप पहुंच गये थे, जहां से ये उनको लेने गये वाहन पर सवार हो गये।

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