राणावत नहीं रनौत लिखो ना प्लीज
कंगना इन दिनों बेबी डॉल सी चहकती यहांवहां दिख ही जाती हैं। मुंबई हीरोज टीम की वो ब्रांड अंबेसडर हैं। खुद कहती हैं, मुझे क्रिकेट का ए बी सी भी नहीं आता। और खुद ही मुंबई हीरोज का झंडा उठाए सबसे आगे नजर आती हैं।
वैसे कंगना और खबरी की इस बार देर तक और लंबी बातचीत हुई और कंगना ने खबरी से इस बात की शिकायत भी की कि उनका नाम हिन्दी अखबारों में सही नहीं छापा जा रहा। तो जो लोग अभी तक कंगना का सरनेम राणावत लिखते रहे हों, वो नोट कर लें कि कंगना का सही सर नेम है रनौत। खुद कंगना ने अपना ये सरनेम लिखकर तमाम हिन्दी पत्रकारों को भेजना शुरू कर दिया है ताकि पिछले चार पांच साल से छप रहा उनका नाम अब तो सही हो सके।
इसके अलावा कंगना ने अपने पुराने पब्लिसिस्ट की छुट्टी भी करने का राज खबरी के साथ साझा किया। कंगना के व्यक्तिगत प्रचार की कमान संभालने वाली नई टीम सजने लगी है और कंगना से उम्मीद जताई कि इसका असर भी जल्द ही दिखने लगेगा द डर्टी पिक्चर को मिली तारीफ से कंगना का हौसला ब़ढा है और लीक से हटकर किरदार करने की हिम्मत में भी इजाफा हुआ है।
बस शिकवा है तो ये कि भट्ट कैंप के लिए गैंगस्टर और वो लम्हें में हताश निराश नायिका का किरदार करके अपने ऊपर डिप्रेस्ड ऐक्ट्रेस का ठप्पा लगवाने के बाद भी अब भट्ट कैंप के यहां से उन्हें बुलावा नहीं आता।