आरबीआई ने की सीआरआर में कटौती
नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बनी अनिश्चितता और घरेलू स्तर पर विकास दर में आ रही नरमी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव किये बगैर घटती विकास दर में तेजी लाने और महंगाई पर ध्यान केन्द्रित करते हुये नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में ०५० प्रतिशत की कटौती कर तंत्र में ३२ हजार कऱोड रुपये की तरलता ब़ढाने का प्रयास किया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने चालू वित्त वर्ष में ऋण एवं मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में आज यह घोषणा करते हुये कहा कि सीआरआर अब छह प्रतिशत से घटकर ५५० प्रतिशत हो जायेगी। इस कटौती से तंत्र में ३२ हजार कऱोड रुपये की तरलता ब़ढेगी और मांग ब़ढाने में मदद मिलेगी।
यह कटौती २८ जनवरी से प्रभावी होगी। हालांकि रिजर्व बैंक ने अल्पकालिक ऋण दरों (रेपो और रिवर्स रेपा) में कोई बदलाव नहीं किया है। केन्द्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास के अनुमान को ७६ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया और मुद्रास्फीति के अनुमान को सात प्रतिशत पर यथावत रखा है। सुब्बाराव ने कहा कि बैंकिंग तंत्र में तरलता की स्थिति अभी रिजर्व बैंक के अनुमानित दायरे से सख्त है।