असम में ६६८ उग्रवादियों ने चिदंबरम के समक्ष हथियार डाले
गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री पीचिदंबरम और असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के समक्ष राज्य के नौ उग्रवादी संगठनों के ६६८ सदस्यों ने आज आत्मसमर्पण कर अपने हथियार सौंप दिये। एक कार्यक्रम में गृह मंत्री और गोगोई ने उग्रवादी संगठनों के सभी नेताओं और सदस्यों का स्वागत कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल होने पर बधाई दी।
इससे पहले सरकार ने इन सभी नौ उग्रवादी संगठनों के साथ युद्धविराम पर संधि की थी तथा इनकी मांगों और शिकायतों पर कोई कदम उठाने को लेकर भी सरकार अपने आखिरीचरण में पहुंच चुकी है।
आत्मसमर्पण करने वाले नौ संगठनों में आदिवासी पीपुल्स आर्मी, आल आदिवासी नेशनल लिबरेशन आर्मी, संथाल टाइगर फोर्स, बिरसा कमांडो फोर्स, आदिवासी कोबरा मिलिटेंट आर्मी, यूनाइटेड कुकीग्राम डिफेंस आर्मी, कुकी रेवोल्यूशनरी आर्मी, कुकी लिबरेशन आर्मी और हमार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) शामिल हैं। इसी के साथ इन संगठनों की सभी मागों के मांग पत्र को भी केंद्र और राज्य सरकार को सौंपा गया है। उग्रवादी संगठनों के सदस्यों ने इसी के साथ एके ४७, डेटोनेटर्स और देसी बम आईईडी आदि समेत करीब २०१ घातक हथियार भी समर्पित कर दिये। चिदंबरम ने इस कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है।
ऐसा शायद ही कभी होता है, जब इतनी ब़डी संख्या में उग्रवादी संगठनों के सदस्य एक साथ मिलकर समाज की मुख्य धारा में ज़ुडने के लिए आत्मसमर्पण कर रहे हों। उग्रवादियों को हिंसा का रास्ता छ़ोडकर अहिंसा और शांति के साथ जीवन बिताने के निर्णय का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों की भी जमकर सराहना की। इस दौरान चिदंबरम ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी उग्रवादियों को समाज के अन्य लोगों की ही तरह हर अधिकार देने और अन्य सभी मसलों को बातचीत के जरिये सुलझाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यधारा से ज़ुडने के बाद यह सभी सदस्य समाज के विकास में विशेष योगदान देंगे।
गृह मंत्री ने बताया कि असम के अन्य उग्रवादी संगठनों डीएचडी, जे के ज्वेल गुट दीमा हसाओ दाओगा, डीएचडी के नुनीसा गुट, केएलएनएलएफ और एनडीएफबीप्रोग्रेसिव के साथ भी शांति वार्ता चल रही है, जो अंतिम चरण तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि इन संगठनों और सरकार के बीच संघर्ष विराम समझौते के साथ ही यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असम (उल्फा) के बातचीत समर्थक ध़डे और एनडीएफबी के साथ भी एकतरफा संघर्ष विराम को लेकर बातचीत की जा रही है।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी संगठन के साथ विरोधाभास की स्थिति नहीं चाहती है और बातचीत के जरिये समस्या का हल करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को हर हाल में हल करने के प्रयास किए जाएंगे। गोगोई ने इस दौरान उल्फा के परेश बरुआ ध़डे से भी समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
इस कार्यक्रम में गृह मंत्री और गोगोई के अलावा शीर्ष सुरक्षा अधिकारी, जीओसी के तृतीय और चतुर्थ कोर तथा असम के पुलिस उप महानिदेशक भी शामिल हुए।